महादेव सट्टा ऐप मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को नामजद आरोपी बनाया है. CBI द्वारा दर्ज FIR में बघेल का नाम छठे नंबर पर है. भूपेश बघेल पर महादेव सट्टा ऐप के प्रमोटरों और मालिकों से करोड़ों रुपये की प्रोटेक्शन मनी लेने का आरोप है. CBI ने छत्तीसगढ़ स्थित आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में दर्ज मामले को आधार बनाते हुए यह FIR दर्ज की है. इसी FIR के आधार पर 26 मार्च को एक बड़ी कार्रवाई के तहत सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया गया. इस सर्च ऑपरेशन के दौरान छत्तीसगढ़ के कई चर्चित अधिकारियों /पूर्व अधिकारियों के यहां भी सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया.
महादेव सट्टा ऐप एक ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म है, जिसका संचालन दुबई से किया जा रहा है. इस ऐप के प्रमोटरों पर छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से सट्टेबाजी का कारोबार चलाने का आरोप है. आरोप है कि भूपेश बघेल के कार्यकाल में इस ऐप को संरक्षण दिया गया था और इसके बदले में भूपेश बघेल को करोड़ों रुपये की प्रोटेक्शन मनी दी गई थी. CBI ने EOW में दर्ज मामले की जांच के दौरान भूपेश बघेल के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने के बाद उन्हें नामजद आरोपी बनाया है.
CBI ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है. CBI इस मामले की गहन जांच कर रही है और सबूत जुटा रही है. CBI ने हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर स्थित आवास पर भी छापा मारा था. CBI की इस कार्रवाई से छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल आ गया है. कांग्रेस ने CBI की इस कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है. CBI अब इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य आरोपियों से पूछताछ करेगी. CBI इस मामले में और भी गिरफ्तारियां कर सकती है. इस मामले में CBI की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर लगे आरोप सही हैं या नहीं.