छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में सीएम विष्णु देव साय के कार्यकाल में नक्सलवाद पर जमकर प्रहार हो रहा है. वहीं अमित शाह (Union Minister Amit Shah) भी नक्सल एनकाउंटर से लेकर नक्सलियों के आत्मसमर्पण तक की हर घटना पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. 4 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे. शाह अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान ‘बस्तर पंडुम’ महोत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे और नक्सल विरोधी अभियानों (Anti Naxal Operation) में शामिल सुरक्षाबलों के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करेंगे. शाह लगातार यह कहते हैं आए हैं कि मार्च 2026 नक्सलवाद को खत्म कर देंगे. आइए जानते हैं छत्तीसगढ़ में कैसे नक्सलवाद की कमर टूट रही है.
नक्सलवाद के खात्मे की ओर बढ़ता भारत
एक अप्रैल को अमित शाह ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि सरकार 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि देश में नक्सलवाद से प्रभावित कुल 38 जिलों में से अति प्रभावित जिलों की संख्या 12 से घटकर 6 हो गई है. इनमें छत्तीसगढ़ के चार जिले (बीजापुर, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा), झारखंड का पश्चिमी सिंहभूम और महाराष्ट्र का गढ़चिरौली शामिल हैं.