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अब राजस्व मामलों के लिए नहीं काटने पड़ेंगे ऑफिसों के चक्कर, पंचायतों में लगेगा समाधान शिविर

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अब ग्रामीणों को जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के गरियाबंद (Gariaband) जिले के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग (Revenue and Disaster Management Department) ने राजस्व पखवाड़ा अभियान की घोषणा की है. इसके तहत हर पंचायत में भूमि विवाद, नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, ऋण पुस्तिका, भू-अधिकार पत्र, जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र से जुड़े मामलों का त्वरित समाधान किया जाएगा. कई ग्रामीणों को अपने राजस्व मामलों के हल के लिए बिचौलियों पर निर्भर रहना पड़ता था. लेकिन, इस पहल से अब बिना किसी दलाल के, सीधे प्रशासन से जुड़कर अपनी समस्याओं का समाधान करवाया जा सकेगा.

गांव में ही मिलेगा समाधान

गरियाबंद जिला कलेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल के निर्देशानुसार, राजस्व पखवाड़ा अभियान मुख्य रूप से तीन चरणों में चलाया जाएगा. इसके तहत सभी ग्रामीणों को उनकी परेशानी का समाधान उनके पंचायत स्तर पर ही आसानी से मिल सकेगा. इसका पहला चरण 7 से 21 अप्रैल, दूसरा चरण 13 से 27 मई और तीसरा चरण 16 से 30 जून तक चलाया जाएगा. इस दौरान राजस्व विभाग की टीमें गांवों में जाकर समस्याओं का समाधान करेंगी, जिससे ग्रामीणों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें.

इन पंचायतों में लगेगा खास शिविर

राजस्व पखवाड़ा के तहत 7 से 9 अप्रैल के बीच विभिन्न पंचायतों में शिविर लगाए जाएंगे. इसमें-

  1. गरियाबंद तहसील: बारूका, दांतबायकला, पारागांव, मरौदा, जोबा, सड़क परसुली, आमदी
  2. राजिम तहसील: बरभाठा, बसीन, पोखरा
  3. फिंगेश्वर तहसील: पसौद, पाली, भसेरा
  4. छुरा तहसील: अकलवारा, कुटेना, अमेठी, अतरमरा, साजापाली, घटकर्रा
  5. मैनपुर तहसील: दबनई, गोपालपुर, देहारगुड़ा
  6. अमलीपदर तहसील: तेतलखुंटी, मुड़गेलमाल, धरनीढोडा, सरगीगुड़ा, खोखमा, चिखली
  7. देवभोग तहसील: सीनापाली, बरकानी, सुकलीभाठा

कलेक्टर ने ग्रामीणों से की अपील

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा आयोजित की जाने वाली राजस्व पखवाड़ा अभियान को लेकर जिला कलेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल ने खास निर्देश दिए हैं. साथ ही, उन्होंने सभी ग्रामीणों से अपील की है कि इस मौके को न गंवाएं और अपनी परेशानियों के समाधान के लिए शिविर में शामिल हो. उन्होंने कहा, ‘अगर आपके पास कोई भूमि विवाद या दस्तावेज से जुड़ी समस्या है, तो इस शिविर में जरूर जाएं. बिना दलालों के सीधे प्रशासन से जुड़े, दस्तावेजों को तत्काल सत्यापित करवाएं और अपनी समस्या का ऑन-द-स्पॉट समाधान पाएं.’