तिल्दा-नेवरा। राजधानी रायपुर से सटे तिल्दा नेवरा थाना क्षेत्र में बिजली पोल से वायर चोरी करने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस सिंडिकेट के चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी का सामान और वारदात में इस्तेमाल वाहन जब्त किए हैं। यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से लाइन शॉर्ट कर बिजली पोल को नुकसान पहुंचाता था और कीमती एल्यूमिनियम वायर लेकर फरार हो जाता था।
सुनियोजित तरीके से देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी पहले बिजली की लाइन शॉर्ट करते थे, जिससे करंट का खतरा खत्म हो जाए। इसके बाद वे पोल को क्षतिग्रस्त कर उस पर लगे एल्यूमिनियम वायर काट लेते थे। इस गिरोह की सक्रियता से क्षेत्र के किसान काफी परेशान थे, क्योंकि कृषि पंपों के कनेक्शन लगातार काटे जा रहे थे।
कोनारी की घटना से खुला राज
चोरी की मुख्य घटना ग्राम कोनारी में हुई थी, जहां अज्ञात चोरों ने किसानों के पंप कनेक्शन के पोल तोड़कर वायर पार कर दिए थे। कनिष्ठ यंत्री अनिल कुमार वर्मा की शिकायत पर पुलिस ने टीम गठित की। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से पुलिस खरोरा निवासी देव प्रसाद पारधी तक पहुंची। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर जुर्म स्वीकार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में देव प्रसाद पारधी निवासी खरोरा, मनमोहन नारंग, हेमलाल धृतलहरे और पंकज कुमार टंडन शामिल हैं।
7 लाख का माल और वाहन जब्त
डीएसपी वीरेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में तिल्दा नेवरा और खरोरा क्षेत्र में कुल 5 वारदातों को अंजाम देना कुबूल किया है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने भारी मात्रा में सामान बरामद किया है, 5500 मीटर एल्यूमिनियम वायर, केबल वायर, व्ही क्रॉस एंगल, एल्यूमिनियम कटर मशीन, वारदात में प्रयुक्त एक ओमनी कार और एक दोपहिया वाहन शामिल हैं। इन सबकी कीमत लगभग 7 लाख आंकी गई है।
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए चारों आरोपी आदतन अपराधी हैं और पहले भी चोरी व अन्य मामलों में जेल जा चुके हैं। इस गिरोह के पकड़े जाने से क्षेत्र में बिजली वायर चोरी की घटनाओं पर लगाम लगने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है।






