दिल्ली के कई स्कूल इस साल कक्षा 4, 5, 7 और 8 के छात्रों के लिए NCERT की नई किताबें न मिलने की समस्या का समाधान करने में जुटे हैं. इसके लिए वे पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन, वर्कशीट, डिजिटल स्टडी मटेरियल और ब्रिज प्रोग्राम जैसे ऑप्शनल एजुकेशन सिस्टम का सहारा ले रहे हैं.
CBSE का अपडेट: कब आएंगी नई किताबें?
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के अनुसार कक्षा 4 और 7 की टेक्सबुक 10 से 20 अप्रैल के बीच छपने की संभावना है. ऐसे में स्कूलों को छात्रों को पाठ्यक्रम से जोड़ने के लिए अन्य संसाधनों का उपयोग करना पड़ रहा है.
अपनाए जा रहे हैं एजुकेशन के नए तरीके
कई स्कूलों ने छात्रों के लिए स्पेशल ओरिएंटेशन प्रोग्राम और अभिभावकों के लिए कंसल्टेशन सेशन आयोजित करने का निर्णय लिया है. इन सेशनों में बताया जाएगा कि बिना किताबों के भी पढ़ाई सुचारू रूप से कैसे जारी रखी जा सकती है.
पैरेंट्स की चिंता, स्कूलों की पहल
कुछ पैरेंट्स इस देरी से चिंतित हैं, लेकिन स्कूल प्रशासन उन्हें आश्वस्त कर रहा है. एक स्कूल प्रशासक के अनुसार बताया जा रहा है कि इस सप्ताह छात्रों के लिए अडॉप्टेशन एंड ओरिएंटेशन प्रोग्राम की योजना बनाई है, ताकि वे नई शिक्षा प्रणाली के साथ सहज हो सकें.
पिछले साल भी हल हुआ था ऐसा ही मामला
बीते साल भी कक्षा 6 और 8 की किताबों में देरी हुई थी, लेकिन इसे प्रभावी ढंग से संभाला गया था और छात्रों की परीक्षाओं पर कोई असर नहीं पड़ा. स्कूलों को भरोसा है कि इस साल भी वे इसी तरह स्थिति को नियंत्रित कर पाएंगे.
जब तक नई किताबें उपलब्ध नहीं हो जातीं, दिल्ली के स्कूल डिजिटल सामग्री, प्रैक्टिकल अप्रोच और ओरिएंटेशन प्रोग्राम के जरिए छात्रों की पढ़ाई जारी रखने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.