रायपुर। जशपुर को मिलेगा आधुनिक दाबित सिंचाई प्रणाली का राष्ट्रीय मॉडल बनने का अवसर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के गृह ग्राम बगिया में समृद्धि कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एम-कैड) योजना के अंतर्गत बगिया दाबित उद्वहन सिंचाई प्रणाली के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
इस योजना से किसानोें को समृद्धि की नई दिशा मिलेगी
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बगिया समृद्धि एम-कैड योजना केवल एक सिंचाई परियोजना नहीं, बल्कि “हर बूंद से अधिक उत्पादन” की सोच का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इसके सफल क्रियान्वयन से जशपुर जिला देश के लिए आधुनिक दाबित सिंचाई प्रणाली का मॉडल बनेगा और किसानों को समृद्धि की नई दिशा मिलेगी।
आधुनिक प्रेसराइज्ड पाइप इरिगेशन नेटवर्क विकसित होगा
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत पारंपरिक नहर प्रणाली के स्थान पर आधुनिक प्रेसराइज्ड पाइप इरिगेशन नेटवर्क विकसित किया जाएगा। भूमिगत पाइपलाइन व्यवस्था से जल का अपव्यय रुकेगा, जल उपयोग दक्षता बढ़ेगी और भूमि अधिग्रहण की समस्या भी नहीं आएगी। अब तक वर्षा पर निर्भर रहने वाले किसानों को इस योजना से वर्षभर सिंचाई हेतु पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा।
जशपुर की एग्री-इरीगेशन डिस्ट्रिक्ट के रूप में होगी पहचान
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बगिया समृद्धि एम-कैड योजना न केवल सिंचाई व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी, बल्कि कृषि को तकनीक आधारित, टिकाऊ और लाभकारी दिशा में आगे बढ़ाएगी। यह परियोजना जशपुर को राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल एग्री-इरीगेशन डिस्ट्रिक्ट के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि यह पहल हमारे अन्नदाताओं को समृद्धि, आत्मनिर्भरता और सम्मान की नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
13 गांवों के किसान होंगे लाभान्वित
उल्लेखनीय है कि यह परियोजना कांसाबेल विकासखंड के बगिया क्लस्टर में मैनी नदी पर बगिया बैराज सह दाबित उद्वहन सिंचाई योजना के माध्यम से लागू की जा रही है। इसके तहत बगिया, उसकुटी, रजोती, सुजीबहार, चोंगरीबहार, बांसबहार, डोकड़ा, सिकरिया, पतराटोली, गहिराडोहर, बीहाबल, नरियरडांड एवं ढुढुडांड सहित 13 गांवों के लगभग 4933 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
परियोजना की कुल लागत लगभग 119 करोड़
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के 23 राज्यों में स्वीकृत 34 एम-कैड परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ का बगिया क्लस्टर एकमात्र चयनित परियोजना है। इसके लिए भारत सरकार द्वारा 95.89 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जबकि परियोजना की कुल लागत लगभग 119 करोड़ रुपये है।






