नारायणपुर। बस्तर संभाग अंतर्गत नारायणपुर जिले में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिला पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के संयुक्त सर्चिंग अभियान में नक्सलियों द्वारा घने जंगलों में छिपाकर रखा गया हथियारों और घातक विस्फोटक सामग्री का एक बड़ा ‘डम्प’ बरामद किया गया है। मौके पर मिले 15 किलोग्राम वजनी खतरनाक प्रेशर कुकर को बम निरोधक दस्ते ने सूझबूझ से वहीं सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया।
खुफिया इनपुट पर अड़िंगपार कैंप से निकला था ‘एरिया डॉमिनेशन’ दल
पुलिस विभाग को मुखबिर से नक्सलियों की इस बड़ी साजिश की विश्वसनीय सूचना मिली थी। इसके बाद नारायणपुर पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया और 53वीं वाहिनी के कमांडेंट संजय कुमार के कुशल मार्गदर्शन में 7 जुलाई को अड़िंगपार कैंप से ग्राम एडसमेटा एवं आसपास के संवेदनशील जंगलों में एक संयुक्त एरिया डॉमिनेशन और सर्च अभियान शुरू किया गया।
इस विशेष अभियान का नेतृत्व सहायक कमांडेंट आजाद सिंह ने किया, जिसमें ITBP के 34 जांबाज जवान, नारायणपुर पुलिस का एक प्रतिनिधि और पांच सदस्यीय एक्सपर्ट बम निरोधक दस्ता शामिल था।
नियंत्रित विस्फोट से उड़ाया 15 किलो का कुकर बम
सर्चिंग के दौरान जवानों की पैनी नजर जंगल में पत्तों और झाड़ियों के बीच छिपाकर रखे गए डम्प पर पड़ी। वहां एक शक्तिशाली 15 किलोग्राम का प्रेशर कुकर आईईडी प्लांट किया गया था। बम निरोधक दस्ते ने तुरंत कमान संभाली और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करते हुए नियंत्रित विस्फोट के माध्यम से उसे सुरक्षित रूप से ब्लास्ट कर दिया। इससे जवानों और स्थानीय ग्रामीणों पर आने वाला एक बहुत बड़ा खतरा टल गया।
बरामद हुए हथियारों और युद्धक सामग्रियों की सूची
नक्सलियों के इस ठिकाने से सुरक्षाबलों ने जो सैन्य सामग्रियां जब्त की हैं, जिसमें प्रेशर कुकर आईईडी 15 किलो वजनी मौके पर ही नष्ट, स्थानीय निर्मित रॉकेट लॉन्चर 1, देशी 51 मिमी मोर्टार राउंड 16 नग, देशी 84 मिमी रॉकेट लॉन्चर राउंड 5 नग, देशी 40×46 मिमी बैरल ग्रेनेड लॉन्चर राउंड 10 नग, 303 राइफल के जिंदा कारतूस 8 नग और सामरिक पाउच 4 नग शामिल हैं।
नक्सलमुक्त क्षेत्रों में शांति बहाली के लिए सर्चिंग रहेगी जारी
इस बड़ी कामयाबी और नक्सलियों के मंसूबों को नाकाम करने के बाद संयुक्त टीम पूरी तरह सुरक्षित रूप से वापस अड़िंगपार कैंप लौट आई है। पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि अंदरूनी और हाल ही में नक्सलमुक्त घोषित किए गए क्षेत्रों में स्थायी शांति व सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस प्रकार के नक्सल विरोधी अभियान और सघन सर्चिंग ऑपरेशन आगे भी पूरी आक्रामकता के साथ लगातार जारी रहेंगे।






