छत्तीसगढ़

 धमतरी के बिरगुड़ी के जंगलों लगी भीषण आग :  कई एकड़ के पेड़ और वन्यजीवों को नुकसान की आशंका

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के बिरगुड़ी वन परिक्षेत्र में शुक्रवार सुबह आग लगने की खबर मिली है। यहां के कंपार्टमेंट नंबर 435 के जंगल में अचानक भीषण आग भड़क उठी। चंद समय में आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि जंगल का एक बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो गया। आसमान में दूर-दूर तक काले धुएं और ऊँची-ऊँची लपटें दिखाई दे रही थीं।

 ग्रामीणों की पहल से टला हादसा

घटना की जानकारी सबसे पहले करइया और सारंगपुरी जंगल क्षेत्र के ग्रामीणों को हुई। जंगल से भारी धुआं उठता देख ग्रामीणों ने सूझबूझ और सतर्कता दिखाई। उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही वन अमला और फायर फाइटिंग की विशेष टीम मौके के लिए रवाना हुई और युद्धस्तर पर आग बुझाने का काम शुरू किया।

तेज हवाओं फैली आग 

इन दिनों तापमान 45 डिग्री के पार होने के कारण पूरा जंगल तवे की तरह तप रहा है। जमीन पर बिछी सूखी पत्तियां और चल रही तेज हवाओं ने आग में घी का काम किया, जिससे लपटें तेजी से आगे बढ़ती गईं। आग की भयावहता को देखते हुए वन विभाग के कर्मचारियों को इसे काबू करने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। स्थानीय ग्रामीण भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए वन अमले के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आग बुझाने के प्रयास में जुटे हुए हैं।

 वन्यजीवों को नुकसान की आशंका

इस भीषण आग में जंगल की बहुमूल्य वनस्पतियों, जड़ी-बूटियों और छोटे पौधों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही जंगल में रहने वाले छोटे वन्यजीवों और पक्षियों के अंडों-घोंसलों के भी जलकर खाक होने की आशंका जताई जा रही है।

 महुआ चुनने वालों पर शक

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल पहली प्राथमिकता आग को पूरी तरह से नियंत्रित करने और इसे पड़ोसी जंगलों में फैलने से रोकने की है, जिसके लिए टीम देर शाम तक मौके पर डटी रही। आग लगने के सटीक कारणों की जांच की जा रही है, लेकिन शुरुआती तौर पर यह अंदेशा जताया जा रहा है कि महुआ बीनने वालों द्वारा नीचे साफ-सफाई के लिए लगाई गई आग या किसी राहगीर द्वारा जलती बीड़ी-सिगरेट फेंकने की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ होगा।

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