लवन। बलौदाबाजार ब्लॉक के ग्राम पंचायत तुरमा में सरपंच के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। प्रस्ताव के पक्ष में 9 मत पड़े, वहीं विपक्ष में 3 मत, जिसमें 1 मत सरपंच का शामिल है। अविश्वास प्रस्ताव पास होने के बाद ग्राम पंचायत तुरमा के सरपंच फुलेश्वरी बंजारे को पद मुक्त कर दिया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत तुरमा के पंचों ने 9 बिन्दुओं पर पंचायत राज अधिनियम की धारा 21 के तहत अविश्वास प्रस्ताव पत्र एसडीएम को सौंपा था। अविश्वास प्रस्ताव पत्र के आधार पर एसडीएम ने तहसीलदार पोखन टोन्डे को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया। प्रस्ताव पर कार्रवाई करते हुए 28 मई को पंचायत बुलाई गई ।
जहां सरपंच फुलेश्वरी बंजारे ने हाई कोर्ट बिलासपुर से स्टे ऑडर लाने के कारण अविश्वास प्रस्ताव को रोक दिया गया। उसके पुनः अविश्वास प्रस्ताव के लिये 4 जून को सभी पंच, सरपंच के उपस्थिति में प्रस्ताव पर वोटिंग कराई गई। इसमें अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 9 व विपक्ष में 3 वोट पड़े। इस प्रकार सरपंच फुलेश्वरी धन्नू बंजारे को हटाने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया। इन 9 बिन्दुओं पर लाया गया प्रस्ताव पंचायत राज अधिनियम की धारा 21 के तहत 9 बिन्दुओं पर अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। जिसमें बिना प्रस्ताव के राशि आहरण करना।
सरपंच पर लगाया अभद्र व्यवहार का आरोप
महिला पंचों के साथ अभद्र व्यवहार करना, ग्राम पंचायत के व्यक्तिगत व तानाशाही पूर्वक काम करना आदि शामिल है। तुरमा के पंचों ने बताया कि इन प्रमुख बिन्दुओं के आधार पर सरपंच को हटाने के लिए पंचों के द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। जिसको जांच अधिकारी ने सही पाया ।आपको बता दें कि अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद पद से हटाए गए सरपंच पद को भरने के लिए 6 माह के भीतर चुनाव कराना होता है।
मतदान के दौरान ग्रामीणों की रही उपस्थिति
इस दौरान लवन तहसीलदार पेखन टोन्डे, जनपद पंचायत बलौदाबाजार के शत्रुघन लाल ध्रुव व पंचगण वर्षा टंडन, लीलावती साहू, नन्की बंजारे, मानकुमारी साहू, बालमूकून साहू उपसरपंच, उत्तरा टंडन, निरा पैकरा, बिनोद साहू, शिवकुमारी प्रजापती, डेविड प्रजापति, कमलाबाई पटेल एवं ग्रामवासियों भी उपस्थित रहे।






