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सूरजपुर जिले के बतरा बांध में नाव हादसा: गोताखोरों की टीम ने तीनों ग्रामीणों के शव निकाला, रात में मछली पकड़ने गये थे

सूरजपुर। जिले के करंजी चौकी क्षेत्र के बतरा बांध में नाव हादसे में लापता तीनों ग्रामीणों के शव आखिरकार बरामद कर लिए गए हैं। करीब 30 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद जिला आपदा मोचन बल की टीम और स्थानीय गोताखोरों ने तीनों शवों को पानी से बाहर निकाला।

30 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, गोताखोरों और DDRF की टीम ने तत्काल बतरा बांध में राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया था। खराब मौसम और लगातार हो रही तेज बारिश के बावजूद रेस्क्यू टीम पानी में डटी रही।

23 जून से चले रेस्क्यू टीम ने लगातार मशक्कत कर दो लापता ग्रामीणों के शवों को ढूंढ निकाला। 24 जून सुबह सघन सर्चिंग के दौरान तीसरे और अंतिम लापता ग्रामीण का शव भी बांध से बरामद कर लिया गया।

प्रतिबंध के बावजूद मछली पकड़ने गए थे ग्रामीण

जानकारी के अनुसार, बतरा बांध में इस समय मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद देर रात गांव के कुछ लोग मछली पकड़ने के लिए बांध में उतरे थे। नाव में क्षमता से अधिक कुल 9 लोग सवार थे। बीच बांध में अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण नाव पलट गई। हादसे के वक्त नाव सवार 6 ग्रामीणों ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचा ली, लेकिन 3 ग्रामीण गहरे पानी में समा गए और लापता हो गए थे।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

एक ही गांव के तीन लोगों की जलसमाधि से पूरे इलाके में शोक की लहर है। मृतकों के घरों में चीख-पुकार मची हुई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने मर्ग कायम कर शवों का पंचनामा व पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही प्रशासन ने ग्रामीणों से प्रतिबंध के दौरान जलाशयों में न उतरने की अपील की है।

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