कसडोल| बलौदाबाजार जिले के कसडोल ब्लॉक से 30 किमी दूर महानदी के तट पर बसे आदिवासी बाहुल्य ग्राम दौनाझर व घिरघोल के ग्रामीणों ने एक अनोखी पहल की है। शासन-प्रशासन को आईना दिखाते हुए अपने मेहनत तथा आपस में चंदा एकत्र कर गांव के नजदीक पुटपुरा (पिपरछेड़ी) नाला में 65 फीट लम्बा, 20 फीट चौड़ा और 2 फीट मोटा कुल 8 लाख रुपये खर्च कर पुलिया का निर्माण कर लिया है।
ग्रामीणों की इस पहल ने लोगों को एक बहुत बड़ा संदेश दे दिया है कि यदि समस्याओं के प्रति शासन-प्रशासन, क्षेत्रीय प्रतिनिधियों ने सुध नहीं लिया तो ग्रामवासियों की एकता, आपसी सामंजस्य से बड़े से बड़ा काम किया जा सकता है।
बीते दिनों ग्रामीणों ने नवर्निमित पुलिया का विधि-विधान से पूजा अर्चना कर स्वनिर्मित पुल का उद्घाटन किया।
इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से इस नाले में पुलिया बनाने के लिये हर तरह से प्रयास किये गये पर आश्वासन के सिवाय कुछ हासिल नहीं हुआ। जिसके पश्चात् ग्रामवासियों ने गांव में बैठक कर पुलिया निर्माण के लिए संकल्प लिया और सभी ने मिलजुलकर पुलिया बनाने का काम प्रारम्भ किया। इस कार्य में लगभग एक माह का समय लगा।
गांव के प्रमुख सियान खुलाश राम वर्मा, राम्हू पैकरा, पीताम्बर पैकरा ने बताया कि पुल निर्माण के साथ गांव वालों के आम निस्तार के अलावा नदी के पार स्थित पलारी, रोहांसी तरफ से आने वाले लोगों के आवागमन की सुविधा होगी, जिससे अमेठी घाट से कसडोल, तुरतुरिया जाने आने वालों को 8 कि. की बचत के साथ समय और धन की भी बचत होगी।
ग्राम दौनाझर व घिरघोल के ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से बने पुलिया का अंचल के ग्रामीणों ने सराहना किया है। इस कार्य में खुलास राम वर्मा, रामहू पैकरा, केदार ध्रुव, पिताम्बर पैकरा, अंजोर दास, रुखमणी बाई, कुंती बाई, मती बाई, मनकी बाई, हीरा बाई, डिगेश पैकरा, दर्शन दास, करण निषाद, मनहरण यादव, पीताम्बर पैकरा, ईश्वरी प्रसाद वर्मा, मनीराम, महेंद्र, योगेश आदि की सक्रिय भूमिका रही।






