छत्तीसगढ़

ट्रक चालक की हत्या के दोसी को आजीवन कारावास : द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश का फैसला

बलौदाबाजार। थाना कसडोल क्षेत्र में वर्ष 2017 में हुए ट्रक चालक हत्या प्रकरण में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश बलौदाबाजार की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर जुर्माना भी लगाया है।

सरकारी वकील लोक अभियोजक थानेश्वर वर्मा ने बताया कि घटना 2 जुलाई 2017 से 5 जुलाई 2017 के बीच की है। मृतक ट्रक चालक राकेश बघेल तथा खलासी आरोपी मोतीराम ध्रुव सीमेंट प्लांट हिरमी से ट्रक में सीमेंट भरकर चंद्रपुर के लिए निकले थे। इसी दौरान ग्राम दर्रा थाना कसडोल के पास आरोपी ने ट्रक चालक राकेश बघेल की हत्या कर शव को तालाब किनारे गड्ढा खोदकर दफना दिया तथा मृतक का मोबाइल, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, 13 हजार रुपये एवं अन्य सामान लेकर फरार हो गया।

जानकारी के अनुसार, जिस कंपनी की ट्रक मृतक चला रहा था, उसी कंपनी के अन्य चालक ने ट्रक को लावारिस हालत में खड़ा देखा और इसकी सूचना कंपनी प्रबंधन एवं मृतक के बड़े भाई को दी। इसके बाद मृतक के बड़े भाई ने थाना कसडोल पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जब ट्रक की जांच की तो उसमें कई जगह खून के धब्बे मिले। वहीं जेक रॉड और पाना में भी खून के निशान पाए गए, जिससे हत्या की आशंका गहराई।

कुछ दिनों बाद ग्राम दर्रा में एक अज्ञात शव मिलने पर मृतक के बड़े भाई ने उसकी पहचान राकेश बघेल के रूप में की। घटना के बाद से खलासी मोतीराम ध्रुव लगातार फरार था, जिससे पुलिस और परिजनों का संदेह उस पर गहरा गया। इसके बाद थाना कसडोल पुलिस ने आरोपी की लगातार तलाश शुरू की।

फरार चल रहा था आरोपी, पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा

पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपने गांव बूढ़ागहन आया हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने राकेश बघेल की हत्या कर शव को दफनाने तथा मृतक का सामान अपने पास रखने की बात स्वीकार की। इसके बाद आरोपी के विरुद्ध धारा 302 एवं धारा 201 भादवि के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया।

33 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए

विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 33 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। अंतिम बहस में लोक अभियोजक थानेश्वर वर्मा ने न्यायालय के समक्ष तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा कि घटना से पूर्व आरोपी और मृतक को एक साथ ट्रक में जाते हुए देखा गया था। साथ ही आरोपी के कब्जे से मृतक के दस्तावेज एवं अन्य सामान बरामद हुए थे तथा घटना के बाद आरोपी लगातार फरार रहा, जो उसके अपराध को सिद्ध करता है।

धारा 201 भादवि के तहत सात वर्ष का कारावास

सभी साक्ष्यों एवं गवाहों के बयान के आधार पर द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश संजया रात्रे ने आरोपी मोतीराम ध्रुव को धारा 302 भादवि के तहत आजीवन कारावास एवं एक हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 201 भादवि के तहत सात वर्ष के कठोर कारावास एवं एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। न्यायालय के इस फैसले के बाद मृतक परिवार ने संतोष व्यक्त किया है। वहीं क्षेत्र में भी इस निर्णय को लेकर लोगों ने कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर विश्वास मजबूत होने की बात कही है।

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