बलौदाबाजार। शहर में वर्षों से पसरे अतिक्रमण की समस्या बुधवार को उस वक्त खुलकर सामने आ गई जब मुख्य मार्ग पर ठेला लगाने को लेकर दो पक्षों के बीच मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गयी। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने लगे और सड़क पर अफरा-तफरी मच गई।घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
ठेला लगाने पर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार शहर के मुख्य मार्ग पर जोधपुर आइसक्रीम रेड़ी संचालकों के बीच जगह घेरने और सड़क किनारे ठेला लगाने को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। मारपीट के दौरान दोनों पक्षों को चोटें आईं, किसी का सिर फूट गया तो किसी के कपड़े तक फट गए।
विवाद के चलते आधे घंटे तक बनी रही विवाद की स्थिति
घटना के चलते शहर के व्यस्त मार्ग पर करीब आधे घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ के कारण स्थिति और बिगड़ गई।
आये दिन बनी रहती है विवाद की स्थिति
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सड़क किनारे अस्थायी दुकानों और ठेलों की भरमार के कारण आए दिन विवाद की स्थिति बनती रहती है। शाम होते ही फुटपाथ और सड़क का बड़ा हिस्सा कब्जे में चला जाता है, जिससे यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
पुलिस ने दोनों पक्षों को दी समझाइश
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाइश देकर शांत कराया। पुलिस ने संबंधित ठेलों को हटाकर दोनों पक्षों को थाने ले गई, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
ठेले वालों से वसूला जाता है 500 से 1000 रुपए तक
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि, फुटपाथों पर कब्जा जमाने वाले ठेला संचालकों से प्रतिदिन एक ठेले के एवज में करीब 500 से 1000 रुपये तक वसूले जाते हैं। हैरानी की बात यह है कि यह राशि सरकारी खजाने में जमा होने के बजाय उन निजी मकान मालिकों की जेब में चली जाती है, जिनके घरों के सामने फुटपाथ स्थित हैं। यानी सरकारी जमीन और फुटपाथों पर कब्जे का आर्थिक फायदा निजी लोग उठा रहे हैं, जबकि आम जनता जाम और अव्यवस्था की मार झेल रही है।

साढ़े तीन किमी सड़क अतिक्रमण की चपेट में
शहर के मुख्य मार्ग की करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबी सड़क पर जगह-जगह ठेले, खुमचे और अस्थायी दुकानें लगी हुई हैं। फुटपाथ पूरी तरह कब्जे में हैं। अतिक्रमण का असर शहर की सुंदरता पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बेसिक स्कूल और सीएमओ कार्यालय की दीवारों पर लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए सौंदर्यीकरण और कलात्मक चित्र अब ठेलों और अवैध दुकानों के पीछे छिप गए हैं।
प्रशासन ने दी कार्रवाई की चेतावनी
नगरपालिका अधिकारियों ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि मुख्य मार्ग और फुटपाथों पर अवैध कब्जा हटाने के लिए जल्द विशेष अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण के कारण लगातार यातायात प्रभावित हो रहा है और आम नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सड़क और फुटपाथ पर अवैध रूप से दुकान लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।







