खरोरा| रायपुर जिल के खरोरा एवं आसपास के क्षेत्रों में धड़ल्ले से हो रहें धर्मांतरण के खिलाफ सर्व हिन्दू समाज के बैनर तले खरोरा के दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर परिसर में बैठक का आयोजन किया गया। उक्त बैठक में सैकड़ों की संख्या में खरोरा एवं आसपास क्षेत्रों के लोगों ने धर्मांतरण के खिलाफ उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान सभा में उपस्थित लोगों ने धर्मांतरण एवं धर्मांतरण कराने वाले पास्टरों पर प्रतिबंध की मांग को लेकर हुंकार भरी।
इस दौरान रायपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल ने धर्मांतरण को समाज एवं राष्ट्र के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने उपस्थित लोगों को दलगत विचारों से उपर उठकर धर्मांतरण के खिलाफ एक होने की अपील की। वहीं वरिष्ठ समाजसेवी राजीव अग्रवाल ने बैठक में कहा कि ईसाई पास्टरों द्वारा गरीब एवं असहाय तबके के लोगों को आसानी से टार्गेट किया जा रहा हैं।
पास्टरों और इनके प्रार्थना प्रलोभन से दूरी बनाने की अपील
श्री अग्रवाल ने कहा कि इन पास्टरों द्वारा पहले इन लोगों को उनके दुःख-दर्द दूर करने का भरोसा दिया जाता हैं और जब ये भोले भाले लोग इनके जाल में फंस जाते हैं तब धीरे से ये उन्हें धर्मांतरित कर दिया जाता हैं। उन्होंने लोगों से इन ईसाई मिशनरियों, पास्टरों तथा इनके प्रार्थना प्रलोभन से दुरी बनाना की अपील की। वहीं पूर्व नपं अध्यक्ष अनिल सोनी ने नगर के वार्डों में धर्मांतरण के ख़िलाफ समिति बनाने और इन अवैध धर्मांतरण गतिविधियों पर नजर बनाये रखने की बात कही। इस दौरान युवा समाजसेवी बब्लू भाटिया द्वारा युवाओं से अपील की गई कि वे इन पास्टरों पर नज़र रखें एवं धर्मांतरण में संलिप्तता पाए जाने पर इन्हें सबक सिखायें।
गांव-गांव समिति बनाने और अवैध प्रार्थना सभा पर कार्रवाई का निर्णय
इस दौरान सेवानिवृत्त शिक्षक सिताराम यादव, भागवताचार्य संतोष गांगुली, श्रीमती रश्मि वर्मा, सोना वर्मा, सुरेन्द्र वर्मा, तोरण ठाकुर, जोगिंदर सलूजा, विकास ठाकुर, राम बाबू मंडल, राजा भाटिया, सुमीत सेन, जयप्रकाश वर्मा आदि सभी लोगों ने सभा को संबोधित करते हुए धर्मांतरण का विरोध किया एवं घर घर जाकर लोगों के बीच धर्मांतरण के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाने की बात कहीं गईं। बैठक में गांव-गांव समिति बनाने एवं अवैध प्रार्थना सभा पर कार्रवाई का निर्णय।
कई स्थानों पर बनी विवाद की स्थिति
गौरतलब हैं कि पिछले कुछ समय से खरोरा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में धर्मांतरण के मामलों में अचानक से बढ़ोतरी हुई हैं। इसके चलते कई स्थानों पर विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो रही हैं। कई जगहों पर इन इसाई मिशनरियों द्वारा संचालित प्रार्थना सभा में गैर ईसाई समुदाय के लोगों को आमंत्रित करने एवं उन्हें हिन्दू धर्म के खिलाफ भड़काकर धर्मांतरित करने का आरोप हैं। इसी के चलते बैठक में सर्वसम्मति से आसपास के गांवों में समितियों गठन एवं इनके माध्यम से लोगों में धर्मांतरण को लेकर जागरूकता लाने सहित बाहरी इसाई पादरी एवं पास्टरों की गतिविधियों पर निगरानी रखने तथा अवैध प्रार्थना सभाओं को बंद कराने का संकल्प लिया गया।
मांठ में हुए धर्मांतरण की घटना के खिलाफ बड़ा अभियान
पिछले दिनों 24 जून को समीपस्थ ग्राम मांठ में धर्मांतरण की घटना पर बड़ा विवाद हुआ था। यहां इसाई पास्टर एवं हिन्दुओं के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस के बीच बचाव के चलते कोई अप्रिय घटना घटित नहीं हुई। वहीं उक्त मामले में ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस द्वारा रायपुर के पास्टर शुशांत ज्ञानिक एवं पियूष पटेल पर कार्रवाही की गई थी। उक्त घटना के बाद से ही धर्मांतरण को लेकर हिन्दू समाज आक्रोषित नज़र आ रहा हैं।






