दल्लीराजहरा। छत्तीसगढ़ के दल्लीराजहरा बीएसपी प्रबंधन की कथित घोर लापरवाही और ठेकेदारों की मनमानी ने मंगलवार की दोपहर शाम तीन गरीब मजदूरों की जिंदगी छीन ली। दास पान ठेला चौक के पास चल रहे सीवरेज पाइपलाइन कार्य में सुरक्षा नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थीं और आखिरकार वही लापरवाही तीन परिवारों के लिए मौत बन गई।
करीब 10 फीट गहरी खुदाई में बिना किसी सुरक्षा उपकरण, बिना साइड सपोर्ट और बिना तकनीकी निगरानी के मजदूरों को उतारा गया। अचानक मिट्टी धंस गई और मजदूर जिंदा दफन हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मजदूर बचाने की गुहार लगाते रहे। लेकिन मौके पर न तो पर्याप्त सुरक्षा दल था और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी।
घटना के बाद पूरे दल्लीराजहरा में आक्रोश फूट पड़ा। हजारों की संख्या में लोग घटनास्थल पहुंच गए। लोगों का कहना था कि यह हादसा नहीं बल्कि “प्रबंधन की लापरवाही से हुई मौत ” है।
जनता ने उठाए बड़े सवाल सुरक्षा अधिकारी आखिर कहां थे? क्या कार्य स्थल का निरीक्षण हुआ था? बिना बैरिकेड और सुरक्षा सपोर्ट खुदाई की अनुमति किसने दी? क्या मजदूरों की जान से ज्यादा जरूरी काम पूरा करना था। क्या बीएसपी प्रबंधन हादसे का इंतजार कर रहा था।
दल्लीराजहरा में हुए इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर मजदूर सुरक्षा और सरकारी उपक्रमों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तीन परिवारों के चिराग बुझ चुके हैं।
विधायक प्रतिनिधि रतिराम कोसमा सहित नगरवासियों ने आरोप लगाया कि बीएसपी प्रबंधन केवल कागजों में सुरक्षा दिखाता है जबकि जमीनी हकीकत बेहद भयावह है। रोजाना मजदूरों को जान जोखिम में डालकर काम कराया जाता है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं दिया जाता।
सौरभ लुणिया जिला भाजपा महामंत्री सहित स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी बड़े अधिकारी का बेटा उस गड्ढे में काम कर रहा होता तो क्या तब भी बिना सुरक्षा काम कराया जाता? गरीब मजदूरों की जिंदगी आखिर इतनी सस्ती क्यों समझी जाती है?
सांसद भोजराज नाग ने खोला मोर्चा
कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग ने घटना को “सीधी प्रशासनिक विफलता” बताते हुए कहा बीएसपी प्रबंधन की जवाबदेही तय होनी चाहिए। मजदूरों को मौत के मुंह में धकेलने वालों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए। गरीब परिवारों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मृतकों के परिजनों को भारी मुआवजा, सरकारी नौकरी और पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की। सीएसपी विकास पाटले ने कहा कि प्राथमिक जांच में सुरक्षा मानकों की कमी सामने आ रही है और सभी पहलुओं पर जांच जारी है।

घटना स्थल पर उपस्थित प्रत्यक्षदर्शियों के बयान ने खोली पोल
शंकर यादव स्थानीय निवासी ने कहा कई दिनों से बिना सुरक्षा मजदूरों को गड्ढे में उतारा जा रहा था। अधिकारी आते थे देखते थे और चले जाते थे।
मीना साहू वार्ड निवासी ने कहा हादसे के बाद घंटों तक अफरा-तफरी मची रही। मजदूरों की चीख सुनकर लोगों की रूह कांप गई।
देव कुमार प्रत्यक्षदर्शी ने कहा बीएसपी और ठेकेदार दोनों जिम्मेदार हैं। मजदूरों को मौत के कुएं में उतार दिया गया था।
रमेश नेताम स्थानीय युवक ने बताया कि यदि समय रहते सुरक्षा इंतजाम होते तो आज तीन परिवार उजड़ते नहीं। सुनीता बंजारे ने कहा क्षेत्रवासी गरीबों की जान से खिलवाड़ बंद होना चाहिए। दोषियों को जेल भेजा जाए।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी
जिला कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने कहा कि प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच करेगा और यदि सुरक्षा नियमों में लापरवाही मिली तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी।
दिव्या मिश्रा, जिला कलेक्टर
घटना जांच की जा रही
एसपी योगेश पटेल ने कहा घटना की विस्तृत जांच की जा रही है। संबंधित एजेंसी, ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच होगी। आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
विकास पाटले, नगर पुलिस अधीक्षक






