तिरुवनंतपुरम। केरल में इस साल ‘निपाह वायरस’ का पहला मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। कोझिकोड के रहने वाले एक 43 वर्षीय व्यक्ति में निपाह संक्रमण की पुष्टि होने के बाद राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। संक्रमित मरीज की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है और वह फिलहाल वेंटिलेटर सपोर्ट पर है।
यह पिछले 8 सालों में केरल में निपाह वायरस का छठा (6th) हमला है। इससे पहले साल 2024 में राज्य में दो मामले सामने आए थे, जिनमें से एक मरीज की मौत हो गई थी।
कैसे फैला संक्रमण? गोदाम की सफाई के दौरान चपेट में आया मरीज
शुरुआती जांच और अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक –
– संक्रमित मरीज ने हाल ही में एक पुराना गोदाम किराए पर लिया था।
– वह खुद उस गोदाम की सफाई कर रहा था। आशंका जताई जा रही है कि इसी दौरान वह वायरस की चपेट में आया।
निपाह एक ‘जूनोटिक’ वायरस है, जो मुख्य रूप से फ्रूट बैट (फल खाने वाले चमगादड़ों) के जरिए इंसानों में फैलता है।
हल्का बुखार समझकर पहुंचे थे अस्पताल, स्वास्थ्य मंत्री बोले- ‘घबराएं नहीं’
मरीज को शुरुआत में हल्का बुखार आया था, जिसके बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। लक्षण बिगड़ने पर उसे तुरंत कोझिकोड मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा- मरीज कई लोगों के संपर्क में आया था। सुरक्षा के लिहाज से अस्पताल के पूरे स्टाफ और मरीज के संपर्क में आए सभी संभावित लोगों को क्वारंटीन (एकांतवास) में रहने के निर्देश दे दिए गए हैं। स्थिति नियंत्रण में है, फिलहाल जनता को घबराने की जरूरत नहीं है।
प्रशासन मुस्तैद : अब आगे क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
निपाह के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग युद्धस्तर पर जुट गया है।
- मरीज पिछले दिनों कहां-कहां गया और किससे मिला, इसका एक विस्तृत ‘रूट मैप’ तैयार किया जा रहा है ताकि संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके।
- संपर्क में आए लोगों को कड़ी निगरानी में आइसोलेट किया गया है।
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) की अंतिम रिपोर्ट और गाइडलाइंस आने के बाद स्वास्थ्य विभाग आगे की रणनीति तय करेगा।
केरल और निपाह वायरस का इतिहास (2018 से अब तक)
केरल के लिए निपाह वायरस एक पुरानी और गंभीर चुनौती रहा है। साल 2018 में जब यह पहली बार आया था, तब इसने महामारी का रूप ले लिया था। 2018 के बाद से यह 6ठी बार है जब राज्य में इस वायरस की वापसी हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे चमगादड़ों द्वारा कुतरे गए फल न खाएं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।






