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फ्रांस में शुरू हुआ G7 शिखर सम्मेलन 2026 : वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा चुनौतियों जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर होगी चर्चा

नई दिल्ली। 15 से 17 जून तक दुनिया के सात सबसे विकसित देशों के समूह G7 शिखर सम्मेलन का आयोजन फ्रांस के एवियां (Évian) शहर में शुरू हो गया है।

इस तीन दिवसीय उच्च स्तरीय सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा चुनौतियों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के नियमन और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।

52वां G7 शिखर सम्मेलन 15-17 जून 2026 को फ्रांस के एवियन-लेस-बेन्स (Évian-les-Bains) में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की अध्यक्षता में आयोजित हो रहा है। इस शिखर सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं के नेता अहम वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए एक साथ आते हैं।

इसमें ‘ग्लोबल साउथ’ की बढ़ती भूमिका पर भी जोर दिया गया है, जिसके तहत भारत, ब्राजील, मिस्र, केन्या और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के नेताओं को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर इस शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। चर्चा के मुख्य विषयों में यूक्रेन को समर्थन, पश्चिम एशिया में घटनाक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना, वैश्विक व्यापार की चुनौतियां, कर्ज से जुड़े मुद्दे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का नियमन शामिल हैं।

52वें G7 शिखर सम्मेलन की मुख्य बातें

तारीख और स्थान : 15-17 जून 2026, एवियन-लेस-बेन्स, हाउते-सावोई (Haute-Savoie), फ्रांस।

मेजबान : फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों।

मुख्य सदस्य : कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूके, यूएस और यूरोपीय संघ।

आमंत्रित देश : भारत (पीएम नरेंद्र मोदी), ब्राजील (राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा), मिस्र, केन्या, दक्षिण कोरिया, कतर, सीरिया, यूक्रेन, यूएई।

विशेष अतिथि : यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की (युद्ध कूटनीति और हवाई सुरक्षा पर चर्चा के लिए)।

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